लघुगणक घातांकन की प्रतिलोम संक्रिया है। व्यंजक का अर्थ ठीक-ठीक है — लघुगणक इस प्रश्न का उत्तर देता है कि " प्राप्त करने के लिए मुझे को किस घात तक उठाना होगा?"
सामान्य आधार:
- (सामान्य लघुगणक) — pH, डेसिबल, रिक्टर स्केल में प्रयुक्त।
- (प्राकृतिक लघुगणक) — कलन और सतत-वृद्धि के मॉडल।
- — कंप्यूटर विज्ञान, सूचना सिद्धांत।
मुख्य गुणधर्म:
- (गुणनफल को योग में बदलता है)
- (घात को गुणनफल में बदलता है)
- आधार परिवर्तन: किसी भी संदर्भ आधार के लिए ।
लघुगणक विशाल परासों (पृथ्वी–चंद्रमा दूरी बनाम परमाणु की चौड़ाई) को संभालने योग्य पैमानों में संपीडित करते हैं और चरघातांकी आँकड़ों को रैखिक बना देते हैं — यही कारण है कि विज्ञान में लघुगणकीय अक्ष वाले आरेख इतने सामान्य हैं।